गैलरी >> मानव जीवविज्ञान
मानव जीवविज्ञान दीर्घा, जो केंद्र की चौथी मंज़िल पर स्थित है, इसमें आकर्षक एवं सजीव इंटरएक्टिव प्रदर्शनों के माध्यम से मानव शरीर का एक व्यापक और प्रभावशाली परिचय प्रस्तुत करती है। यह दीर्घा मानव शरीर को उसकी शारीरिक संरचना (एनाटॉमी),शारीरिक क्रियाविज्ञान (फिज़ियोलॉजी),जैवरासायनिक, संरचनात्मक, क्रियात्मक तथा तंत्रगत आयामों के समग्र परिप्रेक्ष्य में सुस्पष्ट एवं रोचक ढंग से अभिव्यक्त करती है।आगंतुकों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर परिकल्पित यह दीर्घा मानव शरीर के प्रति विद्यमान सार्वभौमिक जिज्ञासा को सार्थक रूप से संबोधित करती है—एक ऐसी जटिल इकाई, जिसे हम सभी धारण करते हैं, फिर भी जिसके अनेक आयाम आज भी रहस्यमयी बने हुए है। वैज्ञानिक रूप से डिज़ाइन किए गए प्रदर्शनों के माध्यम से, यह दीर्घा मिथकों और भ्रांतियों को दूर करती है, शरीर की संरचना एवं कार्यप्रणाली की तार्किक एवं स्पष्ट समझ विकसित करती है तथा प्रतिरक्षा, रोगों एवं स्वस्थ जीवन-शैली के प्रति आगंतुकों को जागरूक एवं शिक्षित करती है।यह दीर्घा आनुवंशिक अभियांत्रिकी (जेनेटिक इंजीनियरिंग) और जैव प्रौद्योगिकी जैसे समकालीन प्रगतियों से भी परिचित कराती है, साथ ही आगंतुकों को मानव शरीर के भविष्य, उसके विकास तथा जैव अभियांत्रिकी की संभावनाओं पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित करती है।







