राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली
(राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की एक इकाई)
राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, दिल्ली
A Unit of National Council of Science Museums

शो >>  परमाणु ऊर्जा हॉल

परमाणु (नाभिकीय) प्रौद्योगिकी हमारे जीवन को कई ऐसे तरीकों से प्रभावित करती है,जितना हमें अक्सर महसूस भी नहीं होता—यह हमारे घरों को रोशन करती है, चिकित्सा के माध्यम से उपचार में सहायक होती है, कृषि को समर्थन देती है, अनुसंधान को आगे बढ़ाती है और पर्यावरण की रक्षा में योगदान करती है। फिर भी, अनेक लोगों के लिए यह अब भी प्रश्नों और भ्रांतियों से घिरी हुई है। परमाणु विज्ञान के अग्रदूत कौन थे?एक परमाणु (नाभिकीय) ऊर्जा संयंत्र बिजली कैसे उत्पन्न करता है? उन विशाल शीतलन संरचनाओं से क्या निकलता है? परमाणु ऊर्जा संयंत्र कितने सुरक्षित हैं, और वे स्वच्छ, निम्न-कार्बन भविष्य में कैसे योगदान देते हैं?
“परमाणु ऊर्जा हॉल” में इन सभी प्रश्नों एवं उनके उत्तरों को एक आकर्षक, सहज तथा आगंतुक-अनुकूल रूप में प्रस्तुत किया गया है। राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र, नई दिल्ली में लगभग 700 वर्ग मीटर क्षेत्र में विस्तृत यह दीर्घा मानव कल्याण हेतु नाभिकीय ऊर्जा एवं विकिरण के विविध अनुप्रयोगों को प्रदर्शित करती है। 60 से अधिक स्थायी इंटरएक्टिव तथा ऑडियो-विजुअल प्रदर्शनों के माध्यम से यह दीर्घा यूरेनियम खनन एवं ईंधन निर्माण से लेकर नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र की आंतरिक कार्यप्रणाली तथा ऊर्जा उत्पादन के मूलभूत सिद्धांतों तक एक समृद्ध एवं ज्ञानवर्धक अनुभव प्रदान करती है।
इसमें परमाणु (नाभिकीय) सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है, जिसमें संयंत्र स्थापना से पूर्व पर्यावरणीय निगरानी, सुरक्षित संचालन और नाभिकीय अपशिष्ट के जिम्मेदार प्रबंधन तक सभी पहलुओं को समझाया गया है। आगंतुक स्वयं को संयंत्र संचालक की भूमिका में भी देख सकते हैं, परमाणु (नाभिकीय) ऊर्जा स्टेशन का आभासी भ्रमण कर सकते हैं, होलोग्राफिक ‘परमाणु विशेषज्ञों’ के साथ बातचीतकर सकते हैं और लोकप्रिय 'आस्क बुधिया' प्रदर्शन के माध्यम से आम भ्रांतियों का पता लगा सकते हैं।इस दीर्घा का मुख्य उद्देश्य जिज्ञासा और संदेह को स्पष्टता एवं आत्मविश्वास में परिवर्तित करना है— ताकि प्रत्येक आगंतुक यह कहते हुए जाए, "वाह! अब मैं बेहतर समझ गया हूँ।”

 


जगह: दूसरी मंजिल

अवधि: 10 मिनट

क्षमता: 40 व्यक्ति

समय: सुबह 11:40, दोपहर 12:45, दोपहर 1:30, दोपहर 2:50, दोपहर 3:40, शाम 5:00
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